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सर्वाइकल कैंसर क्या है (Cervical Cancer in Hindi): क्या है, लक्षण, कारण और इलाज

सर्वाइकल कैंसर क्या है? (Cervical Cancer Kya Hai?): लक्षण, कारण और इलाज
Dr. Vrundali Kannoth|5 min read|

जब किसी महिला को अचानक पीरियड्स (periods) के बीच ब्लीडिंग होती है, या इंटरकोर्स के बाद दर्द या खून आता है – तो अक्सर इसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन कभी-कभी ये लक्षण कुछ गंभीर की ओर इशारा करते हैं – जैसे कि सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer)

भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। आईसीएमआर-एनसीडीआईआर (ICMR-NCDIR) के डाटा के अनुसार, हर साल हज़ारों महिलाएं इस बीमारी से प्रभावित होती हैं – और सबसे दुखद बात यह है कि यह काफ़ी हद तक रोकी जा सकने वाली बीमारी है। मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक और नागालैंड जैसे राज्यों में सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) का बर्डन सबसे ज़्यादा है।

सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer in Hindi) में सही जानकारी होना इसलिए ज़रूरी है ताकि हर महिला और उसका परिवार समय रहते सही कदम उठा सके। इस blog में हम आपको बताएंगे कि सर्वाइकल कैंसर क्या है (cervical cancer kya hai), ये कैसे होता है, इसके लक्षण, जांच, स्टेज, और इलाज के options क्या हैं।

सर्वाइकल कैंसर क्या है? (Cervical cancer kya hota hai)

आइए सबसे पहले समझते हैं कि what is सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer in Hindi) – आसान भाषा में। Cervical cancer kya hota hai – यह हर महिला का जानना ज़रूरी है।

सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer meaning in Hindi) है गर्भाशय ग्रीवा (cervix) की कोशिकाओं में होने वाली असामान्य और बेकाबू वृद्धि। Cervix वो हिस्सा है जो गर्भाशय को योनि से जोड़ता है।

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जब सर्विक्स (cervix) की कोशिकाएं एचपीवी इन्फेक्शन (HPV infection) या अन्य कारणों से बदलने लगती हैं और एबनॉर्मल तरीके से बढ़ती हैं – तो धीरे-धीरे ये कैंसर का रूप ले सकती हैं। सर्वाइकल कैंसर क्या है (cervical cancer kya hai in hindi) – सीधे शब्दों में कहें तो यह गर्भाशय के मुख का कैंसर है।

यह बीमारी धीरे-धीरे डेवलप होती है। प्री-कैंसरस स्टेज से कैंसर बनने में कई साल लग सकते हैं – इसीलिए रेगुलर स्क्रीनिंग (regular screening) से इसे बहुत अर्ली स्टेज में पकड़ा जा सकता है। यही बात सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) को बाकी कई कैंसर्स से अलग बनाती है – इसे रोकना पॉसिबल है।

सर्वाइकल कैंसर के कारण (cervical cancer causes in Hindi)

सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) kaise hota hai – यह सवाल हर महिला को जानना चाहिए। सर्वाइकल कैंसर कॉज़ेज़ (cervical cancer causes in Hindi) समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि सही जानकारी बचाव का पहला कदम है। सर्वाइकल कैंसर क्यों होता है (cervical cancer kyu hota hai) इसका सबसे बड़ा कारण एचपीवी इन्फेक्शन है, लेकिन और भी सर्वाइकल कैंसर ke karan हैं जो रिस्क बढ़ाते हैं:

एचपीवी संक्रमण (HPV infection)

एचपीवी (HPV) सर्वाइकल कैंसर का सबसे प्रमुख कारण है। एचपीवी टाइप 16 और 18 मिलकर लगभग 70% सर्वाइकल कैंसर केसेज़ (cervical cancer cases) के ज़िम्मेदार हैं। यह वायरस सेक्सुअली ट्रांसमिटेड होता है और बेहद आम है – लेकिन अधिकांश एचपीवी इन्फेक्शन्स शरीर खुद ही 1-2 साल में क्लियर कर देता है।

समस्या तब होती है जब हाई-रिस्क एचपीवी इन्फेक्शन (high-risk HPV infection) लंबे समय तक बना रहे। रिसर्च के अनुसार, केवल 25% हाई-रिस्क एचपीवी इन्फेक्शन्स प्री-कैंसरस स्टेज तक पहुँचती हैं, और करीब 1% इनवेसिव सर्वाइकल कैंसर बनती हैं।

कमज़ोर इम्यून सिस्टम (weak immunity)

जिन महिलाओं की इम्यूनिटी कमज़ोर होती है – जैसे एचआईवी पॉज़िटिव महिलाएं, ऑर्गन ट्रांसप्लांट पेशेंट्स, या लंबे समय से इम्यूनोसप्रेसिव मेडिसिन्स लेने वाली महिलाएं – उनमें एचपीवी इन्फेक्शन क्लियर होने में ज़्यादा समय लगता है। इससे सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) का रिस्क काफ़ी बढ़ जाता है। एचआईवी पॉज़िटिव महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का रिस्क 6 गुना तक ज़्यादा हो सकता है।

लाइफस्टाइल फैक्टर्स (lifestyle factors)

कुछ अन्य फैक्टर्स भी रिस्क बढ़ाते हैं:

  • धूम्रपान – सर्विक्स की कोशिकाओं को डायरेक्टली डैमेज करता है
  • कम उम्र में सेक्सुअल एक्टिविटी शुरू करना
  • मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स
  • ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का बहुत लंबे समय तक (5+ साल) उपयोग
  • मल्टीपल प्रेग्नेंसीज़ (3 या उससे ज़्यादा बार डिलीवरी)
  • पुअर जेनिटल हाइजीन
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सर्वाइकल कैंसर के लक्षण (cervical cancer symptoms in Hindi)

शुरुआती स्टेज में सर्वाइकल कैंसर सिम्पटम्स (cervical cancer symptoms) अक्सर दिखाई नहीं देते। लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, ये लक्षण आ सकते हैं:

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  • पीरियड्स के बीच में एबनॉर्मल ब्लीडिंग
  • इंटरकोर्स के बाद ब्लीडिंग
  • मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग
  • योनि से असामान्य डिस्चार्ज (बदबूदार, पानी जैसा या खून मिला हुआ)
  • पेल्विक एरिया (पेट के निचले हिस्से) में दर्द
  • इंटरकोर्स के दौरान दर्द
  • पैरों में सूजन (एडवांस्ड स्टेज में)
  • बिना कारण वज़न कम होना और थकान

अगर इनमें से कोई भी लक्षण लगातार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर (doctor) से मिलें।

सर्वाइकल कैंसर के स्टेज (cervical cancer stages in Hindi)

सर्वाइकल कैंसर स्टेजेज़ (cervical cancer stages in Hindi) जानना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इलाज का पूरा प्लान इसी पर बेस्ड होता है। हर स्टेज की डिटेल जानने के लिए सर्वाइकल कैंसर ट्रीटमेंट बाय स्टेज (cervical cancer treatment by stage) देखें:

Stage

विवरण (Description)

स्टेज 1 सर्वाइकल कैंसर (stage 1 cervical cancer)

कैंसर (cancer) सिर्फ सर्विक्स (cervix) तक सीमित है। सर्जरी (surgery) से पूरी तरह हटाया जा सकता है।

स्टेज 2 सर्वाइकल कैंसर (stage 2 cervical cancer)

कैंसर सर्विक्स (cancer cervix) से बाहर फैला है लेकिन पेल्विक वॉल (pelvic wall) तक नहीं पहुँचा।

स्टेज 3 सर्वाइकल कैंसर (stage 3 cervical cancer)

कैंसर पेल्विक वॉल (cancer pelvic wall) तक या वैजाइना (vagina) के निचले हिस्से तक फैल चुका है।

स्टेज 4 सर्वाइकल कैंसर (stage 4 cervical cancer)

कैंसर ब्लैडर (cancer bladder), रेक्टम (rectum) या दूर के ऑर्गन्स (लंग्स, लिवर) [organs (lungs, liver)] तक फैल गया है।

जितनी जल्दी स्टेज पकड़ में आए, उतने बेहतर ट्रीटमेंट आउटकम्स होते हैं।

सर्वाइकल कैंसर की जांच (cervical cancer test in Hindi)

सही सर्वाइकल कैंसर डायग्नोसिस (cervical cancer diagnosis) से बीमारी को शुरुआती स्टेज (stage) में ही पकड़ा जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर टेस्ट (cervical cancer test in Hindi) – मुख्य टेस्ट्स (tests) ये हैं:

  • पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test): सर्विक्स से सेल्स का सैंपल लेकर एबनॉर्मल चेंजेज़ देखना। 21 साल से ऊपर की महिलाओं को हर 3 साल में करवाना चाहिए।
  • एचपीवी टेस्ट (HPV Test): हाई-रिस्क एचपीवी स्ट्रेन्स (high-risk HPV strains) की प्रेज़ेंस चेक करना। पैप टेस्ट (Pap test) के साथ या अकेले किया जा सकता है।
  • कोल्पोस्कोपी (Colposcopy): अगर पैप स्मीयर एबनॉर्मल (Pap smear abnormal) आए तो कोल्पोस्कोप (colposcope) से सर्विक्स को क्लोज़ली एग्ज़ामिन करना।
  • बायोप्सी (Biopsy): टिश्यू सैंपल लेकर माइक्रोस्कोप में कैंसर सेल्स कन्फर्म करना।
  • इमेजिंग (एमआरआई, सीटी, पीईटी स्कैन) [Imaging (MRI, CT, PET Scan)]: कैंसर कितना फैला है ये जानने के लिए।

 

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग (cervical cancer screening) रेगुलर करवाना सबसे इम्पॉर्टेंट स्टेप है – इससे प्री-कैंसरस चेंजेज़ को कैंसर बनने से पहले ही पकड़ा जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर का इलाज (cervical cancer treatment in Hindi)

सर्वाइकल कैंसर का इलाज स्टेज, ट्यूमर साइज और पेशेंट की ओवरऑल हेल्थ (cervical cancer ka ilaj stage, tumor size, और patient की overall health) पर निर्भर करता है। सर्वाइकल कैंसर ट्रीटमेंट इन हिंदी (cervical cancer treatment in Hindi) में जानना ज़रूरी है कि आज कई एडवांस्ड ऑप्शन्स मौजूद हैं। मुख्य ट्रीटमेंट ऑप्शन्स ये हैं:

  • सर्जरी (surgery):
    अर्ली स्टेज में सर्विक्स या पूरे यूटेरस को निकालना (hysterectomy)। स्टेज I (stage I) में सर्जरी सबसे इफेक्टिव ऑप्शन है।
  • रेडिएशन थेरेपी (Radiation therapy):
    हाई-एनर्जी बीम्स (high-energy beams) से कैंसर सेल्स डिस्ट्रॉय करना। एक्सटर्नल और इंटरनल (brachytherapy) दोनों तरह से दी जा सकती है।
  • कीमोथेरेपी (Chemotherapy):
    कैंसर सेल्स को मारने वाली मेडिसिन्स। अक्सर रेडिएशन के साथ मिलाकर chemoradiation दी जाती है।
  • टार्गेटेड थेरेपी (targeted therapy):
    कैंसर सेल्स की स्पेसिफिक प्रोटीन्स को टार्गेट करने वाली मेडिसिन्स।
  • इम्यूनोथेरेपी (immunotherapy):
    एडवांस्ड या रिकरेंट केसेज़ में इम्यून सिस्टम को कैंसर से लड़ने में मदद करती है।
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सर्वाइकल कैंसर ट्रीटमेंट (cervical cancer treatment) और सर्वाइकल कैंसर थेरेपी (cervical cancer therapy) के बारे में डिटेल (detail) में जानने के लिए इन पेजेज़ (pages) पर जाएं।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपाय

सर्वाइकल कैंसर से बचने के उपाय (cervical cancer se bachne ke upay) जानना हर महिला के लिए ज़रूरी है। सर्वाइकल कैंसर प्रिवेंशन (ervical cancer prevention in Hindi) में मुख्य स्टेप्स ये हैं:

  • एचपीवी वैक्सीनेशन (HPV Vaccination):
    9-14 साल की लड़कियों के लिए सबसे इफेक्टिव प्रिवेंशन। भारत सरकार ने 2023 में एचपीवी वैक्सीन (HPV vaccine) को नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (national immunization program) में शामिल किया है। सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute) की सर्वावैक वैक्सीन (Cervavac vaccine) भारत में उपलब्ध है और अफोर्डेबल (affordable) भी है।
  • रेगुलर स्क्रीनिंग (regular screening):
    21 साल के बाद हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट (Pap smear test) ज़रूर करवाएं। 30 साल के बाद एचपीवी टेस्ट (HPV test) भी हर 5 साल में रिकमेंडेड है।
  • सेफ सेक्सुअल प्रैक्टिसेज़ (safe sexual practices):
    कंडोम यूज़ से एचपीवी ट्रांसमिशन (HPV transmission) का रिस्क कम होता है।
  • स्मोकिंग (smoking) छोड़ें:
    स्मोकिंग सर्विक्स की कोशिकाओं को कमज़ोर करता है।
  • गुड जेनिटल हाइजीन (good genital hygiene):
    इन्फेक्शन्स से बचाव में मदद करता है।

निष्कर्ष

सर्वइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसे वैक्सीनेशन और रेगुलर स्क्रीनिंग से काफ़ी हद तक रोका जा सकता है। सर्वइकल कैंसर (cervical cancer in Hindi) में जानकारी इसलिए ज़रूरी है ताकि कोई भी महिला जागरूकता की कमी के कारण लेट डायग्नोसिस का शिकार न बने।

WHO का लक्ष्य है कि सर्वइकल कैंसर (cervical cancer) को ग्लोबली एलिमिनेट किया जाए – और भारत भी इस दिशा में कदम उठा रहा है। एचपीवी वैक्सीनेशन, स्क्रीनिंग, और अर्ली ट्रीटमेंट – ये तीन स्तंभ हैं जो इस लक्ष्य को पॉसिबल बनाते हैं।

अगर आपको या आपकी किसी अपनी को ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिख रहे हैं, तो घबराएं नहीं – लेकिन देर भी न करें। सबसे पहला कदम है किसी एक्सपीरियंस्ड ऑन्कोलॉजिस्ट या गायनेकोलॉजिस्ट से बात करना।

सर्वइकल कैंसर (cervical cancer in Hindi) में यह समझना ज़रूरी है कि अर्ली डिटेक्शन से ट्रीटमेंट के रिज़ल्ट्स बहुत बेहतर होते हैं। आज ही कैंसर ट्रीटमेंट (cancer treatment) के बारे में जानें और सही सलाह, सही समय पर लें।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

हां, एडवांस्ड स्टेज सर्वाइकल कैंसर (advanced stage cervical cancer in Hindi) के मरीज़ों में बिना कारण वज़न कम होना एक आम लक्षण है। कैंसर सेल्स शरीर की एनर्जी ज़्यादा यूज़ करती हैं, जिससे वेट लॉस होता है। इसके अलावा भूख न लगना और ट्रीटमेंट के साइड इफेक्ट्सभी वज़न घटने की वजह बनते हैं।

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